30 दिसंबर 2025 ( सीमांत की आवाज ) खटीमा तहसील क्षेत्र में पैतृक भूमि एवं संपत्ति विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व सैनिक स्वर्गीय आन सिंह धामी के पुत्र हरीश सिंह धामी ने इस संबंध में जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में हरीश सिंह धामी ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय आन सिंह धामी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे, जिन्होंने अपनी मेहनत व अर्जित धन से खटीमा तहसील क्षेत्र में कृषि भूमि, आवासीय मकान एवं अन्य संपत्तियां अर्जित की थीं। आरोप है कि पिता के निधन के बाद कुछ परिजनों द्वारा संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करने और उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है।
हरीश सिंह धामी का कहना है कि पारिवारिक स्तर पर कई बार समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के चलते उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई, परंतु अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
इस मामले में पूर्व सैनिक संगठनों ने भी हरीश सिंह धामी के समर्थन में आवाज उठाई है। ज्ञापन के दौरान अध्यक्ष सैनिक संगठन खटीमा कैप्टन गंभीर सिंह धामी, भूतपूर्व सैनिक संगठन असम राइफल्स के अध्यक्ष भूपेंद्र चंद्र पांडेय, सीआरपीएफ/बीएसएफ के अध्यक्ष शेर सिंह कन्याल, कैप्टन धन सिंह सामंत, कैप्टन इंद्र सिंह, कैप्टन हरेंद्र भट्ट, राम प्रसाद (सब टिकंदर), खड़क चंद, परवीन कुमार, लाल सिंह (सब), होशियार सिंह, धन सिंह, कैप्टन रुद्र सिंह कन्याल सहित कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
पूर्व सैनिकों ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और हरीश सिंह धामी को उनके पिता द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्ति में उनका वैधानिक अधिकार दिलाया जाए। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।








