6 जनवरी 2025 ( सीमांत की आवाज ) खटीमा। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग अब एक जनांदोलन का रूप लेती जा रही है। भारत–नेपाल सीमा से लगी उत्तराखंड की अंतिम विधानसभा क्षेत्र संख्या 70 खटीमा में शुक्रवार को उपनेता प्रतिपक्ष एवं स्थानीय विधायक भुवन कापड़ी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने नगर सरकार के खिलाफ जोरदार जुलूस निकाला।
जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए खटीमा तहसील परिसर पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने S.D.M. के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अंकिता हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की गई।
इस दौरान उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है। यदि राज्य सरकार ने शीघ्र ही सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक व उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने “अंकिता को न्याय दो”, “CBI जांच कराओ” जैसे नारे लगाए और सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने अंकिता के लिए न्याय की पुरजोर मांग उठाई।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जबकि आंदोलनकारियों ने साफ संकेत दिया है कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
पहुंचे जुलूस में विधायक भुवन कापड़ी, विधायक नानकमत्ता गोपाल सिंह राणा,कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बॉबी राठौर,विनोद चंद, कांग्रेस नेता नासिर खान,नरेंद्र आर्य और मातृ शक्ति के नेतृत्व में एस डी एम की अनुपस्थि में तहसीलदार वीरेंद्र सजवान के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन मे अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र सीबीआई जांच उत्तराखंड उच्च न्यायालय के पदासीन न्यायाधीश की निगरानी में कराए जाने की मांग की गई,अंकिता पर अनैतिक एक्स्ट्रा सर्विस देने का दबाव उसकी व्हाट्सएप चैट ,गवाहों के बयान तथा चार्जशीट में सामने आया है।अंकिता ने जब इसका विरोध किया तो उसकी नृशंस हत्या कर दी गई। अंकिता की चैट्स में वी आई पी शब्द का उल्लेख होने के बावजूद वह व्यक्ति कौन था इस का खुलासा नहीं किया गया ।जांच के दौरान रिजॉर्ट (अपराध स्थल) को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया जिससे सीसीटीवी फुटेज,गेस्ट हाउस मूवमेंट एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट किए गए। राज्यपाल से मांग करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच उच्च न्यायालय के सीटिंग न्यायाधीश की निगरानी में कराए जाने की मांग की गई। इस दौरान अराफात,ताहिर,घनश्याम सिंह,लक्ष्मण सिंह,विकास सिंह,मोहित सिंह,कुलदीप सिंह,सुभाष गिहार,प्रीति राणा,किशन लाल,रमेश रौतेला, फईम अंसारी,दीपक मुडेला,नवीन जोशी,राजकिशोर सक्सेना,जसविंदर सिंह पप्पू,सुरेन्द्र कुमार,पंकज टम्टा सहित सैकडो लोग मौजूद रहे।








