20 अप्रैल 2026 ( सीमांत की आवाज ) काठमांडू – उत्तरी जापान में सोमवार को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने इस भूकंप के कारण तीन मीटर तक ऊंची सुनामी लहरें उठने की चेतावनी जारी की है। भूकंप के बाद तटीय क्षेत्रों में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भूकंप स्थानीय समय अनुसार शाम 4:53 बजे (07:53 GMT) इवाते प्रांत के प्रशांत महासागर तटीय क्षेत्र में केंद्रित था। इसके झटके सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो तक महसूस किए गए।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार प्रारंभिक सुनामी लहरें उत्तरी तटीय क्षेत्रों में जल्द पहुंच सकती हैं। इसलिए तटीय और नदी किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत ऊंचे स्थानों या सुरक्षित निकासी भवनों में जाने की अपील की गई है।
एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी है कि सुनामी लहरें बार-बार आ सकती हैं, इसलिए चेतावनी पूरी तरह हटने तक सुरक्षित स्थान न छोड़ें। संभावित नुकसान से बचने के लिए सतर्क रहने पर जोर दिया गया है।
जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संकट प्रबंधन टीम का गठन किया है। अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप-प्रवण देशों में से एक है। यह चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है, जिससे यहां बार-बार भूकंप आते रहते हैं।
करीब 12 करोड़ 50 लाख आबादी वाले जापान में हर साल औसतन लगभग 1500 भूकंपीय झटके महसूस किए जाते हैं, जो दुनिया के कुल भूकंपों का लगभग 18 प्रतिशत है। हालांकि, अधिकांश भूकंप हल्के होते हैं, लेकिन उनकी गहराई और स्थान के आधार पर नुकसान का स्तर अलग-अलग हो सकता है।
इससे पहले वर्ष 2011 में जापान में 9.0 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसने विनाशकारी सुनामी को जन्म दिया था। इस आपदा में लगभग 18,500 लोगों की मौत या लापता होने की खबर थी, और इसने जापान की तटीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन प्रणाली पर गहरा असर डाला था।
मौजूदा भूकंप के बाद भी संभावित खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने उच्च सतर्कता बनाए रखने की अपील की है।








