11 मार्च 2026 (सीमांत की आवाज ) सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह कोविड वैक्सीन के गंभीर दुष्प्रभावों से पीड़ित लोगों को मुआवजा देने के लिए एक नीति बनाए. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह भी कहा कि इस मुआवजा नीति को लाने का मतलब यह नहीं होगा कि इस मामले में सरकार गलत थी और अब वह अपनी गलती
कानूनी खबरों की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक, कोर्ट ने रचना गंगू और वेणुगोपाल गोविंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. इन्होंने याचिका में आरोप लगाया था कि कोविड वैक्सीन के दुष्प्रभावों के चलते इनकी दो बेटियों की मौत हो गई. इनकी मांग थी कि मौतों की स्वतंत्र समिति द्वारा जांच की जाए और माता-पिता को मुआवजा दिया जाए.
कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि कोविड वैक्सीन के दुष्प्रभावों की जांच के लिए एक नई विशेषज्ञ समिति गठित करने की जरूरत नहीं है. कोर्ट ने कहा, “टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी के लिए मौजूदा तंत्र जारी रहेगा और संबंधित डेटा को समय-समय पर सार्वजनिक डोमेन में रखा जा सकता है.”








