22 अगस्त 2025 ( सीमांत की आवाज ) खटीमा नागरिक अस्पताल, जो भारत-नेपाल सीमा पर उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में स्थित है, में चिकित्सकों और टेक्नीशियनों की भारी कमी के कारण मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति ने स्थानीय और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
प्रमुख समस्याएं:
चिकित्सकों की कमी:
सर्जन: अस्पताल के चिकित्साधीक्षक के.सी. पंत के अनुसार, पूर्व में नियुक्त सर्जन का स्थानांतरण हो चुका है और उसके बाद से कोई नया सर्जन नियुक्त नहीं किया गया है। इससे सर्जिकल सुविधाएं ठप हैं।
नेत्र विशेषज्ञ (ऑप्थल्मोलॉजिस्ट): नेत्र रोगों से संबंधित उपचार के लिए विशेषज्ञ की अनुपस्थिति मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट): गर्भवती महिलाओं और अन्य स्त्री रोगों से संबंधित मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी एक गंभीर मुद्दा है।
इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर: आपातकालीन स्थिति में त्वरित उपचार की कमी मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
टेक्नीशियनों की कमी:
अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन: अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा में भारी भीड़ है, क्योंकि पर्याप्त टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा, सीटी स्कैन मशीन मौजूद होने के बावजूद टेक्नीशियन की कमी के कारण उपयोग में नहीं आ रही है, जिससे मरीजों को निजी केंद्रों पर महंगे शुल्क देने पड़ रहे हैं।
उच्च शासन स्तर पर शिकायतें बेअसर:
चिकित्साधीक्षक के.सी. पंत ने बताया कि अस्पताल की इन कमियों के बारे में उच्च शासन स्तर पर लिखित शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह लापरवाही क्षेत्र की जनता के लिए निराशाजनक है।
प्रभाव:
मरीजों की परेशानी: विशेषज्ञ चिकित्सकों और टेक्नीशियनों की कमी के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है या उन्हें उपचार के लिए अन्य शहरों, जैसे हल्द्वानी या देहरादून, की ओर रुख करना पड़ रहा है। यह विशेष रूप से गरीब और सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों के लिए आर्थिक और शारीरिक बोझ बढ़ाता है।
सीमावर्ती क्षेत्र की चुनौतियां: खटीमा, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण, दोनों देशों के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन सुविधाओं की कमी के चलते यह अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से नहीं निभा पा रहा है।
समाधान की मांग:
तत्काल नियुक्तियां: सर्जन, नेत्र विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर और टेक्नीशियनों की तत्काल नियुक्ति की आवश्यकता है।
उपकरणों का उपयोग: सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनों के लिए प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की व्यवस्था कर इनका उपयोग शुरू किया जाए।
शासन की जवाबदेही: उच्च शासन स्तर पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो, ताकि अस्पताल की स्थिति सुधरे।
बजट और संसाधन: अस्पताल के लिए पर्याप्त बजट और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।
निष्कर्ष:
खटीमा नागरिक अस्पताल की स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं में सरकारी उदासीनता का स्पष्ट उदाहरण है। यह अस्पताल न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि सीमावर्ती नेपाल के मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण है। चिकित्सकों और टेक्नीशियनों की कमी, साथ ही उपकरणों के अप्रयुक्त रहने की समस्या को तत्काल हल करना आवश्यक है। उच्च शासन स्तर पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार को इस मुद्दे पर प्राथमिकता देनी होगी, ताकि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
नोट: यह जानकारी उपयोगकर्ता द्वारा प्रदान किए गए विवरण और सामान्य स्वास्थ्य सेवा समस्याओं के आधार पर तैयार की गई है। विशिष्ट तथ्यों की पुष्टि के लिए स्थानीय समाचार स्रोतों या आधिकारिक बयानों का उल्लेख किया जा सकता है। (संदर्भ के लिए समान समस्याओं वाले अन्य अस्पतालों का उल्लेख)








