बिग न्यूज :- नीति निर्माण में शोध, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन को मिले प्राथमिकता सीएम धामी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

03 सितम्बर 2026 ( सीमांत की आवाज ) देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस (USCPPGG) की शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण में शोध, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए। शोध एवं अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों का उपयोग राज्य की नीतियों और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में किया जाए।
मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर केस स्टडी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद और ब्लॉक स्तर तक अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए राज्य की विशिष्ट परिस्थितियों और संभावनाओं को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं। भविष्य की कार्ययोजनाओं में डेटा और शोध आधारित दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिवर्ष 10 स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को कैपस्टोन परियोजना के लिए स्टाइपेंड दिए जाने पर सहमति बनी। इसके माध्यम से राज्य की प्राथमिकता वाले विषयों पर शोध और परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
शासी निकाय के सदस्यों ने राज्य में हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम उत्पादों, एमएसएमई और पर्वतीय क्षेत्रों में होम टूरिज्म को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। सदस्यों का कहना था कि होम टूरिज्म से पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बैठक में राज्य के भावी विकास से जुड़े आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर विस्तृत शोध एवं अध्ययन कराने का सुझाव दिया गया। साथ ही योजनाओं के नियमित मूल्यांकन और लक्ष्यों की वार्षिक मॉनिटरिंग की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। नीतियों की समय-समय पर समीक्षा कर उनकी प्रभावशीलता का आकलन करने की बात भी कही गई।
सदस्यों ने मृदा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, जैव विविधता, जलवायु अनुकूलन, अवस्थापना विकास, स्थानीय स्वशासन, क्षेत्रीय विकास और तकनीक आधारित सुशासन को महत्वपूर्ण फोकस एरिया बनाने का सुझाव दिया। विकसित उत्तराखण्ड-2047 की दिशा में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, मानव संसाधन और पर्यावरणीय संतुलन के साथ सतत विकास को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में यूएससीपीपीजीजी और यूएनडीपी के सहयोग से सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के स्थानीयकरण एवं मॉनिटरिंग, नीति मूल्यांकन और राज्य की प्राथमिकताओं से जुड़े नीतिगत अध्ययनों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि सतत विकास लक्ष्यों के क्षेत्र में उत्तराखण्ड हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने ‘Uttarakhand at 25: A Himalayan State with Infinite Possibilities’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की विकास यात्रा और विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की उपलब्धियों को समाहित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने शासी निकाय के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों का परीक्षण कर उपयोगी सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास को गति देने के लिए शोध, नवाचार, प्रभावी नीति निर्माण, क्षमता विकास और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर निरंतर कार्य किया जाना आवश्यक है।
बैठक में विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित शासी निकाय के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें