10 नवंबर 2025 ( सीमांत की आवाज )
खटीमा। सीमांत क्षेत्र खटीमा वन रेंज के हाथी कॉरिडोर में टाइगर के हमले से चार माह के नर हाथी शावक की मौत हो गई। शावक का शव कक्ष संख्या 8 में मिला, जो करीब दस दिन पुराना बताया जा रहा है। शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया।
सूचना पर रविवार देर शाम एसडीओ संचिता वर्मा के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग के पशु चिकित्सकों के पैनल — डॉक्टर आर.आर. चंदोला, डॉक्टर एम.एस. मलिक, प्रशिक्षु पशु धन प्रसार अधिकारी महेश राजपूत और मदन लाल — ने मौके पर ही पोस्टमार्टम कर शव को वन क्षेत्र में दफना दिया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल पर आपसी संघर्ष के निशान और टूटे हुए टहनियों के प्रमाण मिले हैं। हाथी के शावक की गर्दन पर टाइगर के पंजों के गहरे निशान पाए गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि झुंड के साथ चलते समय टाइगर ने शावक पर हमला किया था।
वन विभाग ने बताया कि इस क्षेत्र में हाथियों की नियमित आवाजाही होती है, लेकिन टाइगर द्वारा हमला होना दुर्लभ घटना है। विभाग ने आसपास के क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कार्यवाही के दौरान चकरपुर बीट इंचार्ज उत्तम सिंह राणा, मनोज ठुकराती, दीपक कश्यप और गंगाराम भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि हाथी अक्सर अपने शावक की मृत्यु के बाद भी कई बार उसी स्थान पर लौटकर आता है।








