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बिग न्यूज :- नेपाल के डायमंड कैसिनो में भारतीयों की बर्बादी: मिलावटी शराब से मौत का खतरा, सेटिंग मशीनों से लुट रहा पैसा, विरोध करने वालों की एंट्री बैन”

24 अगस्त 2025 ( सीमांत की आवाज ) 

नेपाल के महेंद्रनगर में डायमंड कैसिनो और अन्य कैसिनो में भारतीयों के साथ हो रही धोखाधड़ी और मिलावटी शराब से होने वाली मौतों का मुद्दा गंभीर चिंता का विषय है। विभिन्न समाचार स्रोतों के आधार पर, यह स्पष्ट है कि नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों, जैसे महेंद्रनगर, नेपालगंज, और भैरहवा में संचालित कैसिनो भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे हैं। ये कैसिनो न केवल जुए के जरिए भारतीयों की जमा-पूंजी लूट रहे हैं, बल्कि वहां परोसी जाने वाली मिलावटी शराब से कई लोगों की जान भी जा रही है।


मिलावटी शराब और मौतें


रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल के कैसिनो में भारतीयों को मुफ्त शराब परोसी जाती है, जो अक्सर मिलावटी होती है। यह शराब नशे की लत को बढ़ावा देती है और कई मामलों में घातक साबित हुई है। कुछ भारतीय युवाओं की मौत का कारण यही जहरीली शराब बताई गई है, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति न केवल व्यक्तिगत नुकसान का कारण बन रही है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को भी कमजोर कर रही है।


कैसिनो में सेटिंग और आर्थिक नुकसान


डायमंड कैसिनो सहित नेपाल के कई कैसिनो में मशीनों में कथित तौर पर सेटिंग की जाती है, जिससे भारतीय खिलाड़ी अपनी जमा-पूंजी हार जाते हैं। समाचारों के अनुसार, ये कैसिनो सुनियोजित तरीके से भारतीयों को आकर्षित करते हैं, जिसमें मुफ्त शराब, नृत्य, और अन्य मनोरंजन के साधन शामिल हैं। कई भारतीय अपनी संपत्ति, जमीन, और यहां तक कि पारिवारिक गहने तक जुए में हार चुके हैं। कुछ मामलों में, लोग कर्ज में डूब गए हैं और कुछ ने आत्महत्या तक कर ली है।
उदाहरण के तौर पर, एक पीलीभीत के युवक ने बताया कि उसकी मां की रिटायरमेंट की राशि कैसिनो में जुए की लत के कारण बर्बाद हो गई। इसी तरह, गोरखपुर के एक व्यक्ति ने डायमंड कैसिनो में 1.5 करोड़ रुपये हार दिए, जो उसने ठगी के जरिए जुटाए थे।


इंट्री पर प्रतिबंध


जो भारतीय कैसिनो की इस सेटिंग या धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करते हैं, उनकी इंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। कैसिनो में प्रवेश के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, या पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों की जरूरत होती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि केवल विदेशी (मुख्य रूप से भारतीय) ही प्रवेश कर सकें। नेपाली नागरिकों को कैसिनो में प्रवेश की अनुमति नहीं है, जिससे यह साफ है कि ये कैसिनो विशेष रूप से भारतीयों को निशाना बनाते हैं।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
नेपाल के कैसिनो में हर रोज लाखों-करोड़ों की भारतीय मुद्रा खप रही है। खास तौर पर 500 और 2000 रुपये के नोटों का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है, जो नेपाल सरकार के नियमों का भी उल्लंघन है। भारतीय युवा न केवल अपनी जमा-पूंजी गंवा रहे हैं, बल्कि नशे की लत में फंसकर सामाजिक और पारिवारिक जीवन को भी नष्ट कर रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे पीलीभीत, बहराइच, लखीमपुर, और गोरखपुर के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
कार्रवाई की मांग
हिंदू संगठनों और स्थानीय नेताओं ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। पीलीभीत में हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने डीएम से शिकायत की है कि इस समस्या को शांतिपूर्ण ढंग से हल किया जाए, अन्यथा यह और विकराल रूप ले सकती है। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर पुलिस ने कैसिनो से संबंधित लोन बांटने वालों को नोटिस भी जारी किया है।
निष्कर्ष
नेपाल के डायमंड कैसिनो और अन्य कैसिनो भारतीय युवाओं के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं। जहरीली शराब, जुए की सेटिंग, और आर्थिक शोषण ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया है। इस समस्या से निपटने के लिए भारत और नेपाल सरकारों को संयुक्त रूप से कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही, जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को कैसिनो के इस मायाजाल से बचाने की आवश्यकता है।

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