Big news : खटीमा: लालकोठी आरक्षित वन में खुली लूट—चौकी पर ताला, वन विभाग लापता, ग्रामीणों का जंगल में दिनदहाड़े धावा

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10 दिसंबर 2025 ( सीमांत की आवाज ) 

 

भारत–नेपाल सीमा से लगे खटीमा वन क्षेत्र के लालकोठी जंगल में आरक्षित वन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अलग-अलग गांवों के ग्रामीण प्रतिदिन बिना अनुमति जंगल में प्रवेश कर लकड़ी, चारा और अन्य संसाधन लेकर लौटते दिखते हैं। वन अधिकार नियमों के अनुसार आरक्षित जंगल में प्रवेश प्रतिबंधित है, लेकिन स्थानीय स्थिति कुछ और ही कहानी कहती है।

ग्रामीण बताते हैं कि जंगल में जंगली जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता है, लेकिन रोजमर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने की मजबूरी उन्हें जोखिम उठाने पर मजबूर करती है। ईंधन और चारे की वैकल्पिक व्यवस्था ना होने से ग्रामीणों का निर्भर होना बढ़ता जा रहा है।

आरक्षित वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लालकोठी के पास एक चौकी स्थापित है, लेकिन वहाँ कोई भी वन कर्मी मौजूद नहीं पाया जाता। चौकी की हालत इस लापरवाही की गवाही देती है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वन विभाग की चौकी सक्रिय हो और गश्त बढ़ाई जाए तो अवैध गतिविधियों पर रोक लग सकती है। लेकिन वर्तमान में विभाग की उदासीनता जंगलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों ने विभाग से सख्त निगरानी, चौकी में कर्मियों की तैनाती और वैकल्पिक संसाधनों की उपलब्धता की मांग की है।

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