11 अक्टूबर 2025 ( सीमांत की आवाज ) उत्तराखंड चंपावत जनपद के बनबसा भरता नेपाल सीमा पर स्थित संचालित संस्था द गुड शैफीएड एग्रीकल्चर मिशन स्ट्रांग फ्राम में कुछ विदेशी ऑस्ट्रेलियन नागरिक एक वर्ष समयावधि के लिए भारत आए थे उनके द्वारा वर्तमान में नियमों उल्लंघन किया जा रहा है।
भारत में व्यापारिक वीजा पर आए एक विदेशी नागरिक द्वारा वीजा नियमों का उल्लंघन करते हुए संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार, उक्त विदेशी नागरिक को एक वर्ष की अवधि के लिए व्यावसायिक वीजा प्राप्त हुआ था, जिसके अंतर्गत उसे केवल वैध व्यवसायिक गतिविधियाँ करने की अनुमति थी।
लेकिन भारत आने के बाद उसने वीजा नियमों की अवहेलना करते हुए कुछ संस्था-विरोधी तत्वों के साथ सांठगांठ कर सामाजिक और धार्मिक संपत्तियों पर गलत तरीके से कब्ज़ा जमाने का प्रयास किया। यह गतिविधियाँ वीजा नियमों के खिलाफ पाई गईं।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर चेतावनी देने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने के बावजूद भी विदेशी नागरिक पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे स्थानीय समाज में आक्रोश व्याप्त है।
बताया जा रहा है कि मामले में संबंधित विभागों और कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों के बीच मिलीभगत की भी चर्चाएँ जोरों पर हैं। विभागीय अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि भारत में वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और उसके सभी कार्यों की जांच किसी उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जाए, ताकि देश के हित और कानून की मर्यादा बनी रहे।
संपत्तियों पर कब्जे का षड्यंत्र, स्थानीय स्तर पर मिलीभगत का आरोप
जानकारी के अनुसार, एक भारतीय पंजीकृत सामाजिक संस्था के नाम पर कुछ लोगों द्वारा चल-अचल संपत्तियों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। बताया गया है कि एक पक्ष विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए संस्था की संपत्तियों को अवैध रूप से हस्तांतरित करने की साजिश रची गई।
सूत्रों ने यह भी बताया कि इस पूरे मामले में एक स्थानीय सफेद पोश लोग भी जुड़े कुछ लोगों की भी मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रकरण भ्रष्टाचार और सांठगांठ का उदाहरण है, जिसे उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि विदेशी नागरिक और संबंधित भारतीय सहयोगियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा सार्वजनिक संपत्तियों को कब्जे से मुक्त कराया जाए।








