22 सितम्बर 2025( सीमांत की आवाज ) खटीमा (उत्तराखंड), 22 सितंबर 2025: वार्ड नंबर 3 और 5 के सभासदों ने हेपेटाइटिस बी की तीसरी खुराक न लगाए जाने को लेकर नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय का घेराव कर दिया। आक्रोशित वार्डवासियों ने नागरिक अस्पताल पहुंचकर सीएमओ के.के. अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सैकड़ों स्थानीय निवासियों को तीसरी खुराक लगाने की मांग की गई है।
घटना का विवरण
पृष्ठभूमि: एक निजी संस्था द्वारा वार्डों में जाकर हेपेटाइटिस बी की पहली और दूसरी खुराक दी गई थी। हालांकि, निर्धारित तिथि पर तीसरी खुराक के लिए संस्था नहीं पहुंची, जिससे स्थानीय निवासी भड़क उठे।
आंदोलन: नाराज सभासदों और वार्डवासियों ने खटीमा के जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचकर सीएमओ के.के. अग्रवाल को घेर लिया। उन्होंने ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
सीएमओ का जवाब: मामले पर सीएमओ अग्रवाल ने कहा कि जल्द ही निर्धारित तिथि पर वार्डवासियों को हेपेटाइटिस बी की तीसरी खुराक उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग इस मुद्दे को प्राथमिकता देगा।
हेपेटाइटिस बी वैक्सीनेशन का महत्व
हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है जो लीवर को प्रभावित करता है और गंभीर मामलों में सिरोसिस या लीवर कैंसर का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह संक्रमण संक्रमित रक्त या शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। वैक्सीन तीन खुराकों (0, 1 और 6 महीने पर) में दी जाती है, जो 95% से अधिक प्रभावी होती है। भारत सरकार की यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत नवजात शिशुओं को यह वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन वयस्कों के लिए भी जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।
खुराक समयावधि उद्देश्य
पहली. 0 महीना प्रारंभिक सुरक्षा
दूसरी. 1 महीना मजबूत प्रतिरक्षा
तीसरी. 6 महीना. पूर्ण सुरक्षा (बूस्टर)
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में निजी संस्थाओं की भूमिका और सरकारी निगरानी की कमी को उजागर करती है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि भविष्य में वैक्सीनेशन अभियान पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हों। स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा है कि जल्द कार्रवाई हो ताकि वैक्सीनेशन कार्यक्रम बाधित न हो।








