5 अक्टूबर 2025 ( सीमांत की आवाज )
धान खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था, खाद्य विभाग की खुली पोल
खटीमा: क्षेत्र में धान खरीद की प्रक्रिया तो शुरू हो चुकी है, लेकिन खाद्य विभाग की तैयारियों की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। विभाग द्वारा खटीमा में तीन धान क्रय केंद्र (कांटे) खोले गए हैं, लेकिन अधिकांश केंद्रों पर अव्यवस्था और लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।
पड़ताल के दौरान खटीमा प्रथम कांटे पर एक कर्मचारी तैनात मिला, जहां व्यवस्था कुछ हद तक ठीक दिखी। वहीं खटीमा द्वितीय कांटे पर केवल कुर्सी और मेज रखी हुई मिली, मॉइश्चर मशीन तो रखी थी, लेकिन न कोई कर्मचारी मौजूद था और न ही किसानों के बैठने या इंतज़ार करने की कोई सुविधा।
सबसे बदहाल स्थिति खटीमा तृतीय कांटे की देखी गई। यहां न तो कोई कर्मचारी मौजूद था, न मेज-कुर्सी, न मॉइश्चर मशीन, न पंखा — बस बैनर जरूर लगा हुआ था जिससे यह जाहिर हो सके कि यहां धान क्रय केंद्र है।
जांच में यह भी बड़ा खुलासा हुआ कि तीनों कांटों पर बिजली की व्यवस्था तक नहीं थी, किसी केंद्र में विद्युत कनेक्शन नहीं था। किसानों को धूप और गर्मी में बिना किसी सुविधा के इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं जब टीम ने आसपास पड़ताल की तो पता चला कि विभाग द्वारा खरीदे गए पंखे गोदामों में बंद रखे गए हैं, जबकि किसानों को राहत पहुंचाने के लिए उनकी आवश्यकता केंद्रों पर थी।
इस पूरे मामले में खाद्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। न तो अधिकारियों की कोई निगरानी दिखी और न कर्मचारियों की कोई जवाबदेही। किसानों में विभाग की इस लापरवाही को लेकर नाराज़गी भी देखी जा रही है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि जब तक विभागीय अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायज़ा नहीं लेंगे, तब तक ये अव्यवस्था बनी रहेगी। धान खरीद का सीजन शुरू होते ही इस तरह की लापरवाही विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।
> “किसानों को राहत नहीं, केवल दिखावा — खाद्य विभाग के कांटों पर व्यवस्था ठप”








