02 जुलाई 2026 ( सीमांत की आवाज ) खटीमा। भारत-नेपाल सीमा से सटे खटीमा रेंज के नखाताल जंगल में लकड़ी की बड़े पैमाने पर तस्करी का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार नेपाल के तस्करों ने खड़े और गिरे हुए साल, शीशम व जामुन के दर्जनों पेड़ों को काटकर लकड़ी नेपाल पहुंचा दी। आरोप है कि मामले की जानकारी मिलने के बावजूद वन विभाग इसे दबाने में जुटा हुआ है।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता विमला नामक महिला ने पूर्वी तराई वन प्रभाग के डीएफओ को सबूतों सहित शिकायत सौंपी थी। शिकायत में पेड़ों की ठूठ, जंगल का नक्शा और उन स्थानों का उल्लेख किया गया था, जहां से पेड़ों की कटाई की गई। सूत्रों का दावा है कि शिकायत के बाद वन विभाग ने नखाताल जंगल में कॉम्बिंग अभियान भी चलाया, जिसमें कई अहम और चौंकाने वाले साक्ष्य मिले।
इसके बावजूद आरोप है कि विभाग संबंधित वन दरोगा और फॉरेस्टर को बचाने का प्रयास कर रहा है। शिकायतकर्ता ने कुछ वन कर्मियों के नेपाल के लकड़ी तस्करों से सांठगांठ होने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले चकरपुर क्षेत्र में सागौन के पेड़ों की अवैध कटान के मामले में एक वन दरोगा को अटैच किया गया था, लेकिन उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि इसी वजह से वन तस्करों और उनसे जुड़े कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं और सीमा से लगे जंगलों में अवैध कटान का सिलसिला जारी है।
हालांकि, इन आरोपों पर वन विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।










