05 जुलाई 2026 ( सीमांत की आवाज ) संपादक सुरेन्द्र कुमार गुप्ता
49 सदस्यीय प्रथम दल रवाना, श्रद्धा, संस्कृति और सीमांत विकास का बना प्रतीक
चम्पावत/टनकपुर। उत्तराखंड से संचालित कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ रविवार को टनकपुर से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से 49 सदस्यीय प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर सम्मानित किया तथा उनसे आत्मीय संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से ही इस पावन यात्रा का अवसर मिलता है और श्रद्धा व धैर्य के साथ हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा सीमांत क्षेत्रों के विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे स्थानीय पर्यटन, व्यापार, परिवहन, होटल व्यवसाय और रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की खरीद कर सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार का कार्य तेजी से हो रहा है, जिससे भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।
प्रथम दल में चिकित्सक सहित कुल 49 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। दल में देश के 13 राज्यों के श्रद्धालु शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ तथा गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा तीर्थयात्री हैं।
इससे पूर्व शनिवार शाम टनकपुर पहुंचे प्रथम दल का छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया। सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड की लोक संस्कृति की आकर्षक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से हो रहा है, जिससे चम्पावत जिले को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मंडल आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित प्रशासन, सेना, आईटीबीपी, एसएसबी, ग्रेफ के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।










