28 अगस्त 2026 ( सीमांत की आवाज ) ऐतिहासिक बग्वाल में फलों-फूलों की बरसात, लाखों श्रद्धालु बने साक्षी
चम्पावत के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां वाराही धाम देवीधुरा में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर ऐतिहासिक बग्वाल मेले का भव्य आयोजन हुआ। चार खाम और सात थोक के बीच खेली गई अनूठी बग्वाल को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवीधुरा पहुंचे। इस दौरान पूरा बग्वाल मैदान मां वाराही के जयकारों से गूंज उठा।
मां वाराही मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बग्वाल की शुरुआत हुई। चारों खाम—वालिक, चम्याल, गहड़वाल और लमगड़िया—के बग्वाली पारंपरिक वेशभूषा और ढालों के साथ मैदान में पहुंचे। इस वर्ष बग्वाल दोपहर 1 बजकर 48 मिनट पर शुरू होकर 1 बजकर 55 मिनट पर समाप्त हुई। करीब आठ मिनट तक चले इस ऐतिहासिक आयोजन में पत्थरों के स्थान पर फल और फूलों का प्रयोग किया गया।
बग्वाल में शामिल बग्वालियों ने परंपरागत तरीके से एक-दूसरे पर फल और फूल बरसाए। पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी के अनुसार फल-फूलों से खेली जाने वाली बग्वाल को शुभ और फलदायी माना जाता है। बग्वाल समाप्त होने के बाद योद्धाओं का एक-दूसरे से गले मिलना यहां की परंपरा में भाईचारे और सद्भाव का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री ने मां वाराही के दर्शन कर मांगा आशीर्वाद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी हेलीकॉप्टर से देवीधुरा पहुंचे। हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। छोलिया नृत्य की प्रस्तुति से मुख्यमंत्री का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने मां वाराही देवी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक बग्वाल को उत्तराखंड की आस्था, लोकसंस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने देवीधुरा को नगर पंचायत क्षेत्र बनाने की बात कही। उन्होंने देवीधुरा में करीब 9.80 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग बनाए जाने की भी बात कही। साथ ही बग्वाल मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे मेले की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत देवीधुरा समेत कुमाऊं के प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। देवीधुरा मंदिर परिसर में गढ़वाल खाम भवन और रणकोची मंदिर के पुनर्निर्माण समेत कई विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य प्रगति पर हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर मेले में पहुंची महिलाओं और बच्चियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों का आभार जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मंदिर समिति पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।






























