31 अगस्त 2026 ( सीमांत की आवाज)
विकल्प रहित संकल्प से उत्तराखंड को बनाएंगे देश का अग्रणी राज्य : धामी
खटीमा। सनातन धर्मशाला परिसर स्थित निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में सोमवार को आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, विकास और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर मुख्यमंत्री से बेबाक सवाल किए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सवालों का सहज और स्पष्ट जवाब दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। यदि कोई व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है तो नागरिक टोल-फ्री नंबर 1064 अथवा संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए शिकायतों की त्वरित जांच कर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की कार्यप्रणाली पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होनी चाहिए।
युवाओं को प्रदेश में ही मिलेंगे शिक्षा और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी न हो। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है।
सीमांत क्षेत्र नहीं, देश के प्रथम गांव
सीमांत क्षेत्रों से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सीमांत गांव देश के अंतिम छोर नहीं, बल्कि भारत के प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों में बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि पलायन को रोका जा सके।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
छात्रा रेखा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर है। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम करते हुए आगे बढ़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान देने वालों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ सुरक्षित और संतुलित विकास जरूरी है।
34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से मुख्यमंत्री ने अनुशासित जीवन और सकारात्मक सोच के साथ मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करा चुकी है और युवाओं के लिए रोजगार एवं करियर के अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
पर्यटन में तेजी, 7 से 8 करोड़ के पार पहुंची पर्यटकों की संख्या
पर्यटन से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, हवाई सेवाओं और होमस्टे सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिली है। चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के चलते उत्तराखंड में सालाना पर्यटकों की संख्या 7 से 8 करोड़ के पार पहुंच गई है।
18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
संवाद कार्यक्रम में 18 विद्यालयों के लगभग 360 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। खुशबू हिंद पब्लिक स्कूल, अब्दुल आरपी स्कूल, सतवीर सिंह रोज पब्लिक स्कूल, देव विश्वास शिक्षा भारती स्कूल, आयुषी आईआईएचसीए, रिजवान जीआईसी, रुद्र प्रताप सिंह रोज पब्लिक स्कूल और शहीद हरि किशन इंटर कॉलेज समेत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से सवाल किए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।






























