बिग न्यूज :- पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी, उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों के खातों में पहुंचे 159 करोड़ रुपये

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20 जून ( सीमांत की आवाज )
देहरादून। प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त डीबीटी के माध्यम से जारी किए जाने का वर्चुअल प्रसारण देखा गया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी अन्नदाता किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त किसानों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की किसान कल्याण योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम छोर तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देशभर के लगभग 10 करोड़ किसानों को 18 हजार 880 करोड़ रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इसमें उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों को 159 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में योजना की शुरुआत के समय उत्तराखंड में करीब 4 लाख किसान इससे लाभान्वित हो रहे थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 8 लाख से अधिक हो गई है। यह किसानों का डबल इंजन सरकार पर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की समृद्धि और खाद्य सुरक्षा के आधार स्तंभ हैं। जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं, वहीं किसान अपने परिश्रम से देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह निशुल्क करने का निर्णय लिया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही 115 करोड़ रुपये के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से सुरक्षित बनाने के लिए 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति और स्टेट मिलेट मिशन के माध्यम से किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “महक क्रांति” नीति के तहत राज्य में सात एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं और 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के जरिए उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और मिलेट को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्पष्ट नीति और ईमानदार नीयत के कारण उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने में किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्रीमती सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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