बिग न्यूज :- राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर सीएम धामी ने उत्कृष्ट बुनकरों व हस्तशिल्प कारीगरों को किया सम्मानित, स्थानीय उत्पाद अपनाने का किया आह्वान

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07 अगस्त 2026 ( सीमांत की आवाज ) वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के संकल्प के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने पर सरकार का जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में उत्कृष्ट बुनकरों एवं हस्तशिल्प कारीगरों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने बिच्छू घास (नेटल फाइबर) से निर्मित पारंपरिक वस्त्र खरीदकर स्थानीय उत्पादों और शिल्पकारों को प्रोत्साहन दिया तथा प्रदेशवासियों से स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस उन बुनकरों और शिल्पकारों के सम्मान का प्रतीक है, जो अपनी कला और कौशल से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के कारीगर केवल उत्पाद नहीं बनाते, बल्कि उनमें प्रदेश की संस्कृति, लोकजीवन और परंपराओं की आत्मा भी समाहित होती है।
उन्होंने कहा कि हर्षिल की ऊनी शॉल, मुनस्यारी और धारचूला की थुलमा, अल्मोड़ा की ट्वीड, छिनका की पंखी, रंगवाली पिछौड़ा, रिंगाल शिल्प तथा बिच्छू घास से बने उत्पाद उत्तराखंड की समृद्ध लोक विरासत के प्रतीक हैं, जिनकी मांग अब राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” जैसे अभियानों से स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को नई पहचान मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रभावी ब्रांडिंग और बेहतर विपणन के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पाद विश्व बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 278 बुनकरों और शिल्पकारों को चार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण तथा एक करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है, जिससे 834 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम और समग्र हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना के माध्यम से आधुनिक मशीनें, डिजाइन, प्रशिक्षण, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के बुनकरों को प्रशिक्षण, वरिष्ठ शिल्पकारों को पेंशन तथा उत्कृष्ट कारीगरों को ‘उत्तराखंड राज्य शिल्प रत्न’ सहित विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए उत्तराखंड के हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक सविता कपूर, सचिव विनय शंकर पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में बुनकर, हस्तशिल्पी, उद्यमी एवं महिला शिल्पकार उपस्थित रहे।

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