14 अगस्त 2026 ( सीमांत की आवाज ) 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर शहीद के परिवार को किया सम्मानित, वीर सपूत के सर्वोच्च बलिदान को किया नमन
देहरादून। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहीदों के परिजनों के सम्मान और उनसे आत्मीय संवाद की कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को भाऊवाला स्थित शहीद अमित कुमार अणथ्वाल के आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने शहीद के पिता नागेंद्र प्रसाद अणथ्वाल सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी और शहीद के परिजनों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने शहीद अमित कुमार अणथ्वाल को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने का पावन अवसर भी है। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान पूरे समाज और राष्ट्र का सम्मान है। राज्य सरकार शहीदों के परिवारों के साथ सदैव खड़ी है और उनके सम्मान एवं कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
पौड़ी गढ़वाल के कल्जीखाल विकासखंड के ग्राम क्वाला निवासी शहीद अमित कुमार अणथ्वाल 9 दिसंबर 2011 को गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। बाद में उन्होंने 4 पैरा स्पेशल फोर्स में सेवाएं दीं। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में तैनाती के दौरान अप्रैल 2020 में केरन सेक्टर में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में उन्होंने अदम्य साहस और अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अभियान में उन्होंने अपने साथियों के साथ पांच आतंकवादियों को मार गिराया। इसी कार्रवाई के दौरान अमित कुमार अणथ्वाल समेत पांच वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद अमित कुमार अणथ्वाल की वीरता और पराक्रम को राष्ट्र ने सम्मान देते हुए उन्हें सेना मेडल (मरणोपरांत) से अलंकृत किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश को अनेक वीर सपूत दिए हैं। शहीद अमित कुमार अणथ्वाल का नाम भी उन अमर वीरों में सदैव सम्मान और गर्व के साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार शहीदों के बलिदान और वीरता की गाथाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के साथ ही शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।



























