बिग न्यूज :- विधानसभा चंपावत में भ्रष्टाचार की परतें खुलीं

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25 सितम्बर 2025( सीमांत की आवाज ) 

 विधानसभा चंपावत में भ्रष्टाचार की परतें खुलीं

ग्रामसभा गुदमी में जांच का पहला चरण पूरा, अभिलेख न लाने पर गहरा संदेह

बनबसा/चम्पावत। उत्तराखंड की विधानसभा जनपद चंपावत में बनबसा ग्रामसभा गुदमी में वित्त आयोग और मनरेगा से कराए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की पोल खुलने लगी है। शिकायतकर्ता स्थानीय निवासी ललित कालोनी द्वारा की गई शिकायत पर खंड विकास अधिकारी चंपावत के निर्देश पर 23 सितम्बर दिन मंगलवार को जांच टीम गांव पहुंची और पंचायत भवन, सड़क व सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया।

ग्रामसभा गुदमी में वित्त आयोग व मनरेगा से कराए गए कार्यों में भारी अनियमितताओं की आशंका पर शुरू हुई जांच ने भ्रष्टाचार की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं। खंड विकास अधिकारी चम्पावत के निर्देश पर मंगलवार को जांच टीम गांव पहुंची। टीम में सहायक विकास अधिकारी राकेश नाथ गोस्वामी, सहायक समाज कल्याण अधिकारी विपिन सिंह बिष्ट और ग्राम निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता वरुण कुमार गौतम शामिल रहे।

 

ग्रामीणों ने दर्जनों की संख्या में पहुंचकर जांच टीम के सामने खुलेआम कहा कि कार्यों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। शिकायतकर्ता ने भी 12 बिंदुओं पर विस्तृत आपत्तियां रखीं। पंचायत भवन की छत से पानी टपकना, सिंचाई विभाग की भूमि पर शौचालय का निर्माण और घटिया गुणवत्ता की सड़कें भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती हैं।

 

जांच टीम ने पंचायत भवन, रामलीला मंच पर लगाए गए टाइल, स्वजल योजना से बने सामुदायिक शौचालय और ग्राम पंचायत निधि से बनी सड़कों का निरीक्षण किया। इन कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने मौके पर ही भ्रष्टाचार के ठोस संकेत बताए। पंचायत भवन की छत से पानी टपकना और सिंचाई विभाग की भूमि पर शौचालय का निर्माण गड़बड़ियों को उजागर करता है।

इस दौरान आरोपी जसवंत बसेड़ा ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की और टीम को सड़कों का दौरा करवाया। वहीं, पूर्व प्रधान विनीता राणा स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर जांच से किनारा कर गईं। सबसे बड़ी चूक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रीता बिष्ट की रही, जो जांच के दौरान कोई भी अभिलेख साथ नहीं लाई, जबकि खंड विकास अधिकारी ने आदेश में साफ लिखा था कि सभी दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इससे अभिलेखों को छिपाने की आशंका और गहरा गई है।

आज की कार्रवाई को जांच का पहला चरण माना गया है। शिकायत में दर्ज अन्य कार्यों की जांच अभी बाकी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि चंपावत की विधानसभा क्षेत्र की इस बड़ी शिकायत को हल्के में न लिया जाए और निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।


 

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