30 जून 2026 ( सीमांत की आवाज )
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में उत्तराखंड की सड़क और आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में राज्य के लिए करीब 7 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं पर सहमति बनी, जिससे सीमांत क्षेत्रों, पर्यटन और आपदा प्रबंधन को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बैठक में केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 750 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी देने पर सहमति बनी। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों के अंतर्गत लगभग 2,966 करोड़ रुपये की पांच प्रमुख परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली। इनमें श्रीनगर बाईपास, पुरकाजी-लक्सर-हरिद्वार फोरलेन, लोहाघाट और पिथौरागढ़ बाईपास, मझोला-खटीमा फोरलेन विस्तार तथा रामनगर-रानीखेत मार्ग का सुदृढ़ीकरण शामिल है।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने हरिद्वार और कोटद्वार बाईपास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का अनुरोध किया, जिस पर भी सहमति बनी। इसके अलावा लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सड़क परियोजनाओं और अल्मोड़ा क्षेत्र में टनल निर्माण प्रस्ताव पर भी सैद्धांतिक सहमति दी गई।
बैठक में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के वैज्ञानिक उपचार के लिए उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर के माध्यम से एमओयू को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन की लंबित परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने और पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए निविदा संबंधी नियमों में संशोधन का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से उत्तराखंड में सड़क संपर्क मजबूत होगा, सीमांत क्षेत्रों का विकास तेज होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति










