30 जून 2026 ( सीमांत की आवाज ) देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार एक बार फिर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर 4 जुलाई से 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों, ब्लॉकों और तहसीलों में विशेष शिविर आयोजित कर आमजन की शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके बजाय अधिकारी और कर्मचारी स्वयं जनता के बीच पहुंचकर शिकायतों का समाधान करें तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों तक पहुंचाएं।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर में चलाए गए 45 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला था। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 681 शिविर लगाए गए थे, जिनमें 5.33 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। अभियान के दौरान लगभग 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया था। इस पहल को सुशासन की दिशा में एक प्रभावी और सफल मॉडल के रूप में भी सराहा गया।
सरकार अब इसी अभियान का दूसरा चरण 4 जुलाई से शुरू कर रही है। यह अभियान ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत आयोजित होगा, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। शिविरों में जन शिकायतों के समाधान के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ भी लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बिना किसी भागदौड़ के लोगों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिविरों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।










