30 जून 2026 ( सीमांत की आवाज ) उत्तराखंड सरकार की फिल्म नीति 2024 का लाभ अब राज्य के युवाओं को मिलना शुरू हो गया है। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे से पढ़ाई पूरी करने वाले तीन युवाओं को छात्रवृत्ति प्रदान की है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य राज्य की रचनात्मक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के तहत एफटीआईआई, पुणे, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान, कोलकाता और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन करने वाले उत्तराखंड के स्थायी निवासी छात्रों को मेरिट के आधार पर पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्रवृत्ति दी जाती है। नीति के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को पाठ्यक्रम व्यय का 75 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के छात्रों को 50 प्रतिशत तक की छात्रवृत्ति का प्रावधान है।
इसी क्रम में रुद्रप्रयाग के उखीमठ निवासी प्रवीण सेमवाल को 65 हजार 682 रुपये, चमोली की हरनी (मुंदोली) निवासी कविता को 1 लाख 27 हजार 619 रुपये तथा नैनीताल के तल्लीताल निवासी देवेश भट्ट को 1 लाख 38 हजार 990 रुपये की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। तीनों विद्यार्थियों ने एफटीआईआई, पुणे से अपने-अपने पाठ्यक्रम पूरे किए हैं।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि फिल्म नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं को फिल्म एवं टेलीविजन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवा रचनात्मक प्रतिभा के धनी हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के बेहतर अवसर मिलें। फिल्म नीति 2024 के माध्यम से सरकार युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रही है।










