बिग न्यूज : रणकोची धाम से विकास का संकल्प: चम्पावत को ₹17014.89 लाख की 20 परियोजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री धामी की 7 बड़ी घोषणाएँ

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13 जनवरी 2026( सीमांत की आवाज ) उत्तराखंड चंपावत
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत स्थित पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उन्होंने क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ग्राम रियासी, बमनगाँव एवं तोक-खेत (चम्पावत) में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में सम्मिलित हुए तथा माता रणकोची मंदिर परिसर में आयोजित कलश यात्रा में भाग लेकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “संस्कृति संवर्धन पहल” के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की। इस पहल का उद्देश्य नशा मुक्त भारत एवं नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करना है।
मुख्यमंत्री ने माता रणकोची मंदिर परिसर से जनपद चम्पावत में कुल ₹17014.89 लाख की लागत की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹3395.05 लाख की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹13619.84 लाख की 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं में मंदिर परिसरों का विकास, सांस्कृतिक मंच, पार्किंग, मोटर मार्गों का निर्माण एवं सुधारीकरण, राज्य अतिथि गृह, तहसील भवन, पुल निर्माण, ग्लेम्पिंग साइट तथा पर्यटन की दृष्टि से रणकोची मंदिर का पुनर्निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य सम्मिलित हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, टूल किट, सहायता सामग्री एवं डमी चेक वितरित किए गए। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चम्पावत के विकास हेतु 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें बाढ़ सुरक्षा कार्य, मंदिरों का सौंदर्यीकरण, पूर्णागिरि मेला 2026 हेतु ₹2.5 करोड़ की धनराशि, प्रमुख मोटर मार्गों का डामरीकरण, जिला चिकित्सालय में सुविधाओं का विस्तार, आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना तथा इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स हेतु भूमि उपलब्ध कराना शामिल है।
जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है। माता रणकोची मंदिर का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के मंत्र के तहत जनसंवाद कार्यक्रमों से जनसमस्याओं का त्वरित समाधान संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आस्था, संस्कृति, संवाद और विकास के समन्वित प्रयास से जनपद चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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