10 जुलाई 2026 (सीमांत की आवाज ) देहरादून में आयोजित ‘उत्तराखंड CSR डायलॉग’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्योग जगत से उत्तराखंड की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में सीएसआर के तहत किया गया योगदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि पुण्य का कार्य भी है। उन्होंने राज्य में कार्यरत सभी औद्योगिक समूहों से अपने सीएसआर फंड का अधिकतम उपयोग उत्तराखंड के विकास कार्यों में करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक और पर्वतीय परिस्थितियों के कारण यहां विकास की चुनौतियां अन्य राज्यों से अलग हैं। इसलिए रोजगार सृजन, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में कॉर्पोरेट जगत की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए पारदर्शी और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में मिले 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम, नई औद्योगिक नीतियों और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड जैसी पहलें भी शुरू की हैं।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, जिससे उद्योगों को पारदर्शी और बेहतर माहौल मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की पारदर्शी नीतियां और कॉर्पोरेट जगत की भागीदारी मिलकर उत्तराखंड को देश का अग्रणी निवेश अनुकूल और सतत विकास वाला राज्य बनाएंगी।
कार्यक्रम में किया, हुंडई, लर्नेंट–इन्फोसिस फाउंडेशन, ओएनजीसी, आईटीसी, महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी, आदित्य बिरला कैपिटल, फिनोलेक्स और पैनासोनिक सहित कई प्रमुख कंपनियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में एमओयू किए गए।











