9 जून 2026 ( सीमांत की आवाज )
*करंट लगने से लाइनमैन की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा कोहराम*
*शट-डाउन न मिलने से हुआ हादसा, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप*
*मृतक की मां और बहन की विद्युत विभाग एसडीओ से तीखी झड़प*
*दोषी और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग*
खटीमा। शट डाउन नहीं होने से बिजली विभाग की लापरवाही के चलते एक लाइनमैन को करंट लग गया, जिसे उप चिकित्सालय लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, जबकि स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।जानकारी के अनुसार, लाइनमैन रंजीत अपने साथी कर्मचारियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में ट्रांसफार्मर का फ्यूज जोड़ने के लिए गया था। प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारी जितेंद्र ने बताया कि कार्य शुरू करने से पहले कंट्रोल रूम से शटडाउन मांगा गया था।कंजाबाग सब स्टेशन से फोन पर शट डाउन दिया गया लेकिन जैसे ही लाइनमैन रंजीत पोल पर चढ़ा, वह करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि शट डाउन कंजाबाग से हुआ ही नहीं था। जिस ट्रांसफार्मर पर फ़्यूज़ सही करने रंजीत चढ़ा था उसके ऊपर 11 हजार की लाइन जा रही थी। रंजीत के प्लास लगाते ही करंट की चपेट में आ गया।
साथी कर्मचारियों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे को लेकर ठेकेदार के सुपरवाइजर ने भी कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी दीप चंद्र की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यदि समय पर शटडाउन दिया गया होता तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक भुवन चंद्र कापड़ी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी लाइनमैनों के साथ करंट लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे हादसे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं मृतक के परिजनों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है।फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।











