बिग न्यूज :- खटीमा: सरकारी खंती पर अतिक्रमण का खेल, प्रशासन की चुप्पी से निर्माण कार्य गति पर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

22 जुलाई 2025 (सीमांत की आवाज ) 

उधम सिंह नगर जनपद के खटीमा नगर पालिका क्षेत्र में आश्रम पद्धति स्कूल के पीछे सरकारी खंती पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप है कि इस सरकारी भूमि पर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमणकारी ने पहले भी राजस्व विभाग की खंती को ऊंचे दामों पर स्टांप लिखकर दुकानों का निर्माण किया था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस बार फिर से निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र में विवाद गहरा गया है।
अतिक्रमण का पुराना इतिहास, नई कहानी जानकारी के अनुसार, आश्रम पद्धति स्कूल के पीछे स्थित सरकारी खंती पर पहले भी अतिक्रमण का प्रयास हो चुका है। अतिक्रमणकारी ने कथित तौर पर स्टांप के जरिए जमीन पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण किया था। उस समय भी स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। अब एक बार फिर उसी स्थान पर निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों में आक्रोश है।
स्थानीय निवासी ने बताया, “यह सरकारी जमीन है, जिसका दुरुपयोग हो रहा है। अतिक्रमणकारी बिना किसी डर के दुकानें बना रहे हैं, और प्रशासन खामोश है। क्या यह सांठ-गांठ का नतीजा है?” एक अन्य निवासी ने कहा, “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह अतिक्रमण और बढ़ेगा।”
प्रशासन की चुप्पी, सवालों के घेरे में खटीमा में अतिक्रमण का यह मामला नया नहीं है। पूर्व में भी खड़ंजा मार्केट, आजाद मार्केट, और टनकपुर रोड जैसे इलाकों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए गए थे। इन अभियानों में पुलिस और नगर पालिका प्रशासन ने चालान काटे और अवैध निर्माण हटाए, लेकिन आश्रम पद्धति स्कूल के पीछे की सरकारी खंती पर हो रहे अतिक्रमण पर कार्रवाई का अभाव चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण अतिक्रमणकारी बेखौफ होकर निर्माण कार्य कर रहे हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यहां कुछ प्रभावशाली लोगों का दबाव हो सकता है, जिसके चलते प्रशासन कार्रवाई से बच रहा है।”
क्या कहता है प्रशासन? जब इस मामले में खटीमा के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका। हालांकि, पूर्व में खटीमा के प्रभारी तहसीलदार युसूफ अली ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कहा था कि “जिला प्रशासन और पुलिस के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” फिर भी, इस विशेष मामले में कार्रवाई का इंतजार अब तक बाकी है।
स्थानीय जनता की मांग स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल इस अतिक्रमण को रोके और सरकारी जमीन को मुक्त कराए। साथ ही, यह भी जांच हो कि स्टांप के जरिए जमीन के सौदे में किन-किन लोगों की संलिप्तता है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अतिक्रमण पूरे क्षेत्र में फैल सकता है, जिससे सरकारी संपत्ति का और अधिक दुरुपयोग होगा।
आगे क्या? खटीमा में सरकारी खंती पर अतिक्रमण का यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार सख्त रुख अपनाएगा, या फिर अतिक्रमणकारी एक बार फिर कानून की कमजोरियों का फायदा उठा पाएंगे? जनता की निगाहें अब स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की कार्रवाई पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें