16 जुलाई 2026 ( सीमांत की आवाज ) हरादून। उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में शॉटक्रीट का एक हिस्सा गिरने से हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रमिकों की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से घटना की विस्तृत जानकारी ली और राहत, बचाव तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मृतक के परिजनों को नियमानुसार तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तथा पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जनपद तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने एनएचआईडीसीएल और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर हादसे के कारणों, टनल के भीतर लागू सुरक्षा उपायों और निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने घटना की गंभीर जांच कर सभी तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों का पुनर्मूल्यांकन करने के निर्देश दिए।
सचिव ने टनल निर्माण एवं संचालन से संबंधित वर्तमान एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) की भी विस्तृत समीक्षा की और बदलती परिस्थितियों एवं संभावित जोखिमों को देखते हुए इसमें आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसओपी को व्यावहारिक, प्रभावी और सभी एजेंसियों के लिए स्पष्ट बनाया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित तकनीकी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर टनल के संवेदनशील हिस्सों का विशेष निरीक्षण करने तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में तत्काल सुरक्षात्मक उपाय लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित एनएचआईडीसीएल एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।











