18 जुलाई 2026 ( सीमांत की आवाज ) देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून, अतिवृष्टि, चारधाम यात्रा, डेंगू नियंत्रण और आपदा प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी केवल बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं ग्राउंड जीरो पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में एक क्षण की भी देरी नहीं होनी चाहिए तथा हर महत्वपूर्ण घटना की सूचना तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अब तक 44.65 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, तकनीकी दल और आधुनिक संचार व्यवस्था पहले से तैनात रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने बिजली, पेयजल, सड़क और संचार सेवाओं को बाधित होने की स्थिति में तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों और ईंधन का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से राहत एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
डेंगू की रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री ने नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने, जलभराव समाप्त करने, नियमित फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में डेंगू जांच किट, दवाइयां, रक्त, बेड और चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष की आपदाओं से जुड़े सभी लंबित पुनर्निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, 15 अक्टूबर तक पूर्ण होने वाले विकास कार्यों की सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने और मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का तीसरा चरण 15 सितंबर से नए स्वरूप में शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल शिविर लगाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और मौके पर समस्याओं का समाधान करना है।
मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट कराने, नालों की विशेष सफाई, वैकल्पिक संचार व्यवस्था विकसित करने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











